"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
मोहम्मद सलीम
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
डायमंड हार्बर में मोहम्मद सलीम
हिंदू-मुस्लिम सभी बुलडोजर के शिकार होंगे

सीपीआई(एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने चेतावनी दी है कि बीजेपी की बुलडोजर राजनीति से हिंदू-मुस्लिम धर्म के परे सभी लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने सभी से प्रतिरोध के संघर्ष में एकजुट होने का आह्वान किया है। मंगलवार को डायमंड हार्बर में अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय के सामने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई(एम) की दक्षिण 24 परगना जिला समिति के आह्वान पर एसआईआर (SIR) से नाम हटाए जाने के विरोध में और मतदाताओं के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने सहित जीवन-आजीविका की विभिन्न मांगों को लेकर डायमंड हार्बर के अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) को एक ज्ञापन सौंपा गया।
इस कार्यक्रम के तहत डायमंड हार्बर में एक विशाल रैली निकाली गई, जो विभिन्न रास्तों से गुजरती हुई अनुमंडल अधिकारी कार्यालय के सामने आकर जनसभा में बदल गई। इस सभा को मोहम्मद सलीम सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
मोहम्मद सलीम ने कहा कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी कॉर्पोरेट अमीरों के हितों को पूरा करने के लिए जीती है, गरीबों के हितों की रक्षा के लिए नहीं। अगर ऐसा न होता, तो हॉकर्स को बेदखल नहीं किया जाता। मेहनतकश लोगों की जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए, एकजुट होकर ही इस हमले का मुकाबला करना होगा। लाल झंडे के नेतृत्व में ही यह लड़ाई संभव है।
सलीम ने आगे कहा कि रेलवे की जमीन खाली कराने के नाम पर जादवपुर में बुलडोजर चलाया गया, हावड़ा, दमदम और उत्तरपाड़ा में फेरीवालों की दुकानें तोड़ी जा रही हैं। ये सभी जमीनें रेलवे को इसलिए नहीं दी गई थीं कि वे कॉर्पोरेट मुनाफे के काम आ सकें। जनहित में खेती और रिहाइश की जमीनें रेलवे को दी गई थीं। बिना पुनर्वास के हाॅकरों को उनकी आजीविका से बेदखल करके जनता के हितों की रक्षा नहीं की जा सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि "डबल इंजन सरकार" रेलवे की जमीन से लेकर बिजली तक, सब कुछ अडानी और अंबानी को सौंप देना चाहती है। गरीब लोगों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
इसके खिलाफ वामपंथियों की लड़ाई की जिम्मेदारी की याद दिलाते हुए मोहम्मद सलीम ने कहा "भ्रष्ट, चोर और लुटेरों की पार्टी तृणमूल-कांग्रेस गरीबों के हक में कोई लड़ाई नहीं लड़ेगी।लगभग पूरी तृणमूल-कांग्रेस पार्टी ही बीजेपी बन गई है। हमने पहले ही कहा था कि गोदाम एक है, बस शोरूम अलग-अलग हैं।वामपंथियों को जमीन पर पैदल चलकर संघर्ष करना पड़ता है। परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, हम उस लड़ाई में डटे रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जिन भी वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके नाम वापस जोड़ने और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए वे मैदान में डटे रहेंगे। अगर आज प्रतिरोध की लड़ाई नहीं लड़ी गई, तो आने वाले दिनों में सबको भुगतना पड़ेगा, कोई नहीं बचेगा।
इस जनसभा को सीपीआई(एम) नेता प्रभात चौधरी, देवाशीष दे, मोनालिसा सिन्हा, शाहनवाज मोकामी, कालिदास प्रमाणिक, देवाशीष घोष आदि ने भी संबोधित किया। पार्टी नेता समर नाइया और दीपक दास की अध्यक्षता वाले अध्यक्ष मंडल ने सभा का संचालन किया।
सभा के बाद 10 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने डायमंड हार्बर के अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) से मुलाकात कर उन्हें 10 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और इस पर चर्चा की। इससे पहले, डायमंड हार्बर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने से शुरू हुई विशाल रैली अनुमंडल अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन में शामिल हुई।
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साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति
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