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पीड़ित इंसानों की मदद के लिए स्थानीय लोग जिस तरह आगे आए हैं, वह बेहद प्रशंसनीय है। यह आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। लेकिन कई लोगों ने शिकायत की है कि पुलिस-प्रशासन मौके पर नहीं मिला। अब सरकार को चाहिए कि वह तुरंत परिजनों को सही जानकारी दे, वरना कई लोगों की चिंता और बढ़ जाएगी।

उत्तरी कोलकाता के चोरबगान की एक मर्मस्पर्शी घटना के संदर्भ में सीपीआई(एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने यह बात कही।
मोहम्मद सलीम ने कहा कि रविवार को राज्य भर में सीपीआई(एम) के सभी पार्टी कार्यालयों और बुक स्टालों पर शोक मनाया जाएगा।
चोरबगान में एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से कम से कम 18 दर्शकों की मौत हो गई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। घायल अवस्था में करीब 40 लोग मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।

मोहम्मद सलीम ने कहा कि स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई बीमार लोगों की मदद की है और दूर-दराज से आए कई लोगों को संकट के समय सहायता पहुंचाई है, उनका धन्यवाद।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। सलीम ने कहा कि यूँ ही बल (मैनपॉवर) की कमी है। उत्सव के समय लोगों को शामिल होने का आह्वान किया जाता है, जिसके लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। भीड़ होती है और यातायात की समस्या रहती है। ऐसे में एक हिस्से को बुक स्टाल तोड़ने के काम में लगाया जा रहा है। कुछ लोग वीवीआईपी की सुरक्षा देने में व्यस्त हो रहे हैं। पुलिस को यह तय करना होगा कि कोई अन्य अनहोनी न हो, इसके लिए पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

सलीम ने कहा कि उत्सव के समय बहुत से लोग बाहर निकले हैं। चोरबगान की घटना में मृतकों और घायलों की संख्या कितनी है, इसकी निश्चित जानकारी प्रशासन को तुरंत परिजनों तक पहुँचानी चाहिए, अन्यथा कई और लोग आशंकाओं के साये में जीने को मजबूर होंगे।
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साभार: बांग्ला गणशक्ति डिजिटल
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प्रकाशित: 18 अक्टूबर 2026 • 2 मिनट पठन

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